ज़िन्दगी की किताब से एक और पन्ना निकल गया

लगी रहे नज़र किनारो पर

कभी तो लहरे आएंगी

न जाने तकदीर के किस

झोके से ज़िन्दगी बदल जाएगी

 

न जियो उसके लिए

जो दुनिया के लिए खूबसूरत हो

जियो उसके लिए

जिससे आपकी दुनिया खूबसूरत हो

 

सिर्फ दो कदम दूर किनारा होगा

सोचो कितना खूबसूरत वो नज़ारा होगा

बस दिल जो कहे उसे करना

फिर देखना जो तुम सोचोगे वही तुम्हारा होगा

 

जिंदगी किसी के लिए नहीं रूकती

बस जीने की वजह बदल जाती है

 

मेरी खामोशियों में भी फ़साना ढून्ढ लेती है

बड़ी शातिर है ये दुनियामजा लेना का

कोई न कोई बहाना ढून्ढ लेती है

 

मशहूर होने पर मगरूर न होना

कामयाबी के नशे में चूर न होना

मिल जाये सब कुछ आपको मगर

इन सब के पीछे है किस का हाथ

ये कभी मत भूलना

 

बातें झोंको के साथ हवा में

जल्द ही फ़ैल जाती है

जरा सम्हाल के बोलना

लोटती है तो बदल जाती है

 

गुलामी की ज़ंजीरो से

स्वतंत्रता की शान अच्छी

हज़ारो रुपया की नौकरी से

चाय की दुकान अच्छी

 

गम न कर ज़िन्दगी बहुत बड़ी है

चाहत की महफ़िल तेरे लिए सजी है

बस एक बार मुस्कुरा के तो देख

तकदीर खुद तुझसे मिलने खड़ी है

 

मैं सुनता हूँ और भूल जाता हूँ

मैं देखा हूँ और याद रखता हूँ

मैं करता हूँ और समझ जाता हूँ

 

 

जब दिमाग कमजोर होता है

परिस्थितियाँ समस्या बन जाती है

जब दिमाग स्थिर होता है

परिस्थितियाँ चुनौती बन जाती है

जब दिमाग मजबूत होता है

परिस्थितियाँ अवसर बन जाती है

 

एक और शाम हो गयी

एक और दिन ढल गया

ज़िन्दगी की किताब से

एक और पन्ना निकल गया

 

हौसला बुलंद कर रास्तो पर चल दे

तुझे तेरा मुकाम मिल जायेगा

बढ़ कर अकेला तू पहल कर

देकना तू काफिला खुद बन जायेगा

 

दर्द अपनाते है पराये कौन

कौन सुनता है और सुनाये कौन

कौन दोहराये वो पुरानी बात

गम अभी सोया है जगाये कौन

खुद को बिखरने मत देना

खुद पुकारेगी मंजिल तो ठहर जाऊंगा

वरना मुसाफिर खुद्दार हूँ यही गुजर जाऊंगा

 

साँस लेना भी कैसी आदत है

जिए जाना भी क्या रवायत है

कोई आहत नहीं कही भी

ना ही कोई साया है

पाँव बेहिसाब चलते ही जाते है

एक सफर है जो बहता ही जाता है

कितने बरसो से कितने सदियों से

जिये जाते है जिए जाते है

आदतें भी अजीब होती है

 

जो तेज हवा का झोका है

उसको किसने रोका है

जो सबके लिए मुश्किल है

उसके लिए वो मौका है

 

सामने हो मंज़िल तो रस्ते न मोड़ना

जो भी मन में हो वो रास्ता न तोडना

कदम कदम पर मिलेंगी मुश्किलें आपको

पर सितारे छूने के लिए कभी ज़मीन मत छोड़ना

 

जो हो गया उसे सोचा नहीं करते

जो मिल गया उसे खोया नहीं करते

हासिल उन्हें होती है सफलता

जो वक़्त और हालत पर रोया नहीं करते

 

खुद को बिखरने मत देना

कभी किसी हाल में

लोग गिरे हुए माकन की

ईंट तक ले जाते है

 

वादों से बंधी जंजीर थी

जो तोड़ दी मैंने

अब से खुद पर भरोसा करेंगे

दुनिया की रह छोड़ दी मैंने

 

ज़िन्दगी की खोज में इंसान को

अकेले ही निकलना पड़ता है

क्योंकि जो हम खोजना चाहते है वो

दुसरो से मेल नहीं खाता

 

ज़िन्दगी ये मन की काटों भरा सफर है

इससे गुजर जाना ही असली पहचान है

बने बनाये रास्तो पर तो सब ही चलते है

खुद रस्ते जो बनाये वो ही तो इंसान है

 

ख्वाहिशो से नहीं गिरते फूल झोली में

कर्म की साख को हिलाना होगा

कुछ नहीं होगा अंधेरो को कोसने से

अपने हिस्से का दिया खुद ही जलाना होगा

 

बड़ी हसरत से सर पटक पटक कर गुजर गयी

कल मेरे शहर से आँधी

वो पेड़ आज भी मुस्कुरा रहे है

जिनमे हुनर था थोड़ा झुक जाने का

की पड़ोस में भी अब बचाने वाला कोई नहीं है

किस किस से शिकवा रखो

किस किस से शिकायत

यहाँ पर हर किसी के

चहरो पर है बनावट

न सोच बुरा उसका भी

जो तेरा बुरा चाहे

तेरे काम जरूर आएंगी

तेरे सत कर्मो की आदत

 

कुछ इस तरह उस फ़क़ीर ने

ज़िन्दगी की मिसाल दी

मुट्ठी में धुल ली और

हवा में उछाल दी

 

मुल्ला को मस्जिद में राम दिखाई दे

पंडित को मंदिर में रहमान दिखाई दे

हिंदुस्तान होगा जन्नत तब

जब इंसान को इंसान में इंसान दिखाई दे

 

जीवन में पीछे देखो अनुभव मिलेगा

जीवन में आगे देखो तो आशा मिलेगी

दाये बाए देखो तो सत्य मिलेगा

स्वयं के अंदर देखो तो परमात्मा

और आत्मविश्वास मिलेगा

 

 

ज़िन्दगी की हर उड़ान बाकि है

हर मोड़ पर एक इम्तिहान बाकि है

अभी तो तय किया है आधा सफर ज़िन्दगी का

बढ़ते ही रहना है होसलो से मंज़िल की तरफ

क्योंकि अभी तो मंज़िलो से आगे निकल जाना बाकि है

 

आसान नहीं ज़िन्दगी की रहो से गुजरना

नहीं आसान मंज़िल को पाना

जीने के लिए मिली है ज़िन्दगी सिर्फ एक

होने दो तमन्नाओ को अनेको से एक

इस रंग बदलती दुनिया में अपने रंग भरो

क्या पता कल हो न हो

 

हौसला रखो तुम अपने इरादों पर

कभी ना कभी मंज़िल को पा लोगे तुम

जरूरी नहीं हर बार हार ही हाथ लगे

कभी कभी अंधेरो में चिराग मिल जाते है

 

ज़मीं से जुड़कर आसमान की बात करो

स्वप्न नहीं हकीकत से मुलाकात करो

तूफ़ान से डरते है बुजदिल यारो

मुसीबत से डटकर दो दो हाथ करो

 

अब आसमानो में आने वाला कोई नहीं है

उठो की तुमको जगाने वाला कोई नहीं है

मददगार अपने ही हो तुम ये याद रखो

की पड़ोस में भी अब बचाने वाला कोई नहीं है

 

धार के विपरीत जाकर देखिये

ज़िन्दगी को आजमा कर देखिये

अँधियाँ खुद बदल लेंगी रास्ता

एक दीपक तो जलाकर देखिये

beautiful heart better than beautiful faces

Chadte huye suraj ko dhalte dekha

Bhujte huye diye ko jalte dekha

 

Heere ka jaha koi moul nahi paya

Waha khote sikke ko chalte dekha

 

Jinka ess duniya me koi nahi hota

Unko bhi hr mushkil se ladte dekha

 

Khuda ki rehmat barsti hai sab par

Uske bando ko pani par chalte dekha

 

Nazro me sokhiya or dil viraan liye firta h

Aaj ka insan khud me hi tufaan liye firta h

 

Zara si khushi kya mili k kayamat hi ho jaye

Waqt, bewaqt jazbaato ko sath liye firta h

 

Jeene ka salika abhi thik se aaya bhi nahi

K aaj ka insan khuda ki kaynaat liye firta h

 

Zindagi me kuch gum jaruri h

Warna khuda ko kon yaad krta

 

Milta naseeb chahne se to

Khuda se fariyad kon karta

 

Hota sukun hr nigah me to

khuda ka didar kon karta

 

Khamosh laboo par bhi raaz kuch gehre hote hai

Muskurahat ke piche bhi jakham gehre hote hain

Hastee huyi unn aankhon ki nami ko dekho…..

Jin mein chupe huye hazaro dard gehre hote hain

 

Mein khush hu ki koi

meri baar to karta hai

Bura hi sahi par kya

mujhe yaad to karta hai

 

I am feeling so happy

Do you know why?

Because I am so lucky

Do you know how?

Coz God loves me

Do you know how?

Coz he give me a gift

Do you know what

It’s you my Love

 

One beautiful heart is better than

thousand beautiful faces

so choose better people having

beautiful heart rather than faces

मुझ सा कोई दुनिया में नादाँ भी न हो

 

में किसी से बेहतर करू क्या फर्क पड़ता है

में किसी का बेहतर करू तो बहुत फर्क पड़ता है

 

में उसका हु वो इस एहसास  से इंकार करता है

उसने किया था कभी ये एहसास पर आज इंकार करता है

जनता है में रुसवा नहीं रह सकती पर

भरी महफ़िल में भी रुसवा मुझे हर बार करता है

रुसवा ही राहु अगर यही चाहत है उसकी

पर फिर खफा रहने का वो अभिनय हर बार करता है

यकीन है सारी दुनिया की खफा है वो मुझसे लेकिन

मुझे मालूम है की हमी से वो प्यार करता है

 

एक आंसू ने बता दिया सब हाल दिल का

में समझा था की ये बेज़ुबान होता है

होता है बेजुबान पर बात सारी करता है

न कह कर भी सब कह लेता है

कहना सुनना क्या जब दिल से दिल मिले

अब बाटे हमारी बस दिल ही करता है

पढ़ लो आँखों में जो है लिखा

ये दिल आँखों में दिल की बात लिखता है

 

मन की दिल की बात कभी नहीं बताओगे

पर जो दिल कह गया जो कैसे उसे छुपाओगे

दिलकी बातें आँखों की जुबान बाहर आती है

ये तो सच है कैसे इसे झुठलाओगे

आँखों में है जो तुम्हारी कैसे उसे छुपाओगे

हमारे दिल में झाकने का मन करे कभी तो

हमारी आँखें दिल का हल बताएंगी

और जो आँखों में देख पाओगे

तो तस्वीर अपनी ही पाओगे

 

तुम्हारी आँखों में बसा है आशियाना हमारा

अगर जिन्दा हमें रखना चाहो तो

कभी आंसू मत लाना

तुम्हारी आँखों में आंसू हम देख नहीं पाएंगे

क्या पता जिंदगी से ही रुसवा हो जायँगे

चला जायेगा वो जो तुम्हारी कदर करता है

आंसू अगर अगर तुम्हे जो जिन्दा न हमें पाओगे

क्यों खुद से दूर करके हमें ऐसे तड़पाओगे

 

मुझ सा कोई दुनिया में नादाँ भी न हो

करके जो इश्क़ कहता है नुक्सान भी न हो

करा है इश्क़ जो झेलना पड़ेगा ही

इस दर्द-ऐ-दिल को सहना पड़ेगा भी

ये घुटन मुझे मार डालती है

जा तेरी नजरो से अब मैंने मुँह मोड़ लिया है

तेरी सभी यादो को खुद से दूर कर लिया है

यादें वो जिनमे बसी थी तू

बसी थी तेरी यदि तेरे वो सारे वादे

वादे जो तूने तोड़ दिए

बेमोल जिनको छोड़ दिए

छोड़ दिया है मुझे तेरी यादो के सहारे

यादो में बसी तू ही तो है

मेरे मन में दिल में बस तू ही तो है

पर तूने ये ना माना ना ही मुझे पहचाना

तेरी ख़ुशी के लिए अब तुझे ही छोड़ दिया है

जा तुझसे मुँह मैंने मोड़ लिया है

 

सुन..तेरा वो एक वादा

हम कभी जुड़ा नहीं होने

वही एक किस्सा सुना कर

में अक्सर मुस्कुराती हूँ

खो जाती हु खयालो में

गीत तेरे ही गति हु

सुनाये थे कभी जो तूने

उन बागो में जाती हु

फूलो की खुशबू को

ले हाथो में गुनगुनाती हु

खुश होती हु की साथ थे हम

पर साथ की बात आते ही

सोच में पड़ जाती हूँ

सोच उन पालो की लम्हो  की

जब साथ खुश रहते थे

अब वो पल नहीं तो

ख़ुशी भी कैसी

यही सोचकर अक्सर

खामोश हो जाते हैं हम

 

रास्तो की मुसाफत मुझे थका नहीं सकती

बस तेरे मिलने की उम्मीद मार डालती है

मारती ये तेरी जुदाई

तेरे बिना है बहुत तन्हाई

तेरे वादों की गहराई मार डालती है

देखता हु जब तुझे अलग मुझसे तो बस

ये घुटन मुझे मार डालती है

वादे सभी तूने ही करे और फिर भुलाये तूने

मुझे साथ लेकर ना पल बिताये तूने

कुछ पल की जिंदगी वो भी साथ न रही

ये कुछ पालो की तन्हाई मार डालती है

तुम मेरी लाश से कोई सवाल ना करना

बे वजह नहीं रोता कोई इश्क़ में

जिसे चाहो खुद से बढ़कर वो रुलाता जरूर है

 

वो मुझ पर अजीब असर रखती है

मेरे दिल की तमाम खबर रखती है

शायद में उसे भूल ही जाता मगर

वो याद आने के सरे हुनर रखती है

 

दिल टूट चूका है आज मेरा

अकेला रह गया है परवाना

टारे चमक रहे है मिलकर साथ

अब चाँद की रौशनी में भी

कहा मिले आज ठिकाना

बातें गम  की कर गए आज वो हमसे

अकेला रह गया ये परवाना

दिल्लगी बदल गयी दिल की लगी में

तन्हाई-ऐ-गम दे गयी ये दिल्लगी

ये दिल का लगाना

अकेला रह गया परवाना

अकेला रह गया परवाना

अकेला रह गया परवाना…

 

क्यों दू होकर भी कोई दिल के पास होता है

दिल एक पास होकर भी क्यों उसका इन्तजार होता है

ये कैसा दर्द है जो मीठा सा लगता है

महफ़िल में होकर भी मुझे तनहा सा लगता है

क्यों हम हर पल उनके खयालो में खोये रहते हैं

उनके ही खयालो से अपनी  दुनिया सजायेंगे लगता है

क्यों लगता है हम उनके बिना अधूरे हैं

मिल जाये वो तो सरे सपने पूरे हैं

 

हो सकता है उसने अनजाने म हमें रुला दिया

दुनिया के कहने पर हमें रुला दिया

हम अकेले थे तो अकेले ही रहे

क्या हुआ आपने एहसास करा दिया

 

मेरी बर्बादी पर तुम कोई मलाल ना करना

भूल जाना मेरा ख्याल न करना

हम तेरी ख़ुशी के लिए कफ़न ओढ़ लेंगे

पर तुम मेरी लाश से कोई सवाल ना करना

 

मत रोइये किसी के लिए दुनिया में

वो इसके काबिल ही नहीं

जो हो वो काबिल इसके तो

रोने तुम्हे देगा नहीं

हमको तेरे खयालो से ही कभी फुर्सत नहीं मिली

दुनिया का हर शौक पाला नहीं जाता

कांच का खिलौना उछाला नहीं जाता

मेहनत करने से मुश्किल हो जाती आसान

क्योंकि हर काम तकदीर पर टाला नहीं जाता

 

हमारे जीने का एक अलग अंदाज़ है

एक आँख में आंसू और एक में खवाब है

टूटे हुए खवाबो पर आंसू बहा लेते है

और दूसरी आँख में फिर से खाव्ब सजा लेते

 

सीढिया उन्हें मुबारक हो

जिन्हे सिर्फ छत तक जाना हो

मेरी मंज़िल तो आसमान है

रास्ता मुझे खुद बनाना है

 

रस्ते कहाँ खत्म होते है

ज़िन्दगी के सफर में

मंज़िल तो वहीँ है जहाँ

खवाहिशे खत्म हो

 

आँखों में पानी रखो

होठो पर चिंगारी रखो

ज़िंदा रहना है तो

तरकीबे बहुत सारी रखो

रह के पत्थर से बढ़कर

कुछ नहीं है मंज़िले

रस्ते आवाज देते है

सफर जारी रखो

 

कौन पढ़ सकता है पानी पर खींची तहरीरें

किसने क्या लिखा है ये अब-ऐ-रवा से सुनिए

चाँद में कैसे हुई क़ैद किसी घर की ख़ुशी

ये कहानी किसी मस्जिद की अज़ान से सुनिए

 

जिस राह पर हर कोई मुझे

हर बार छलता रहा

फिर भी ना जाने क्यों

उसी राह पर में चलता रहा

चलते चलते राहो में

रुकावट आती रही

सोचा बहुत बार की अब

रौशनी नहीं धुआँ दूंगा

लेकिन फितरत थी

जलता रहा जलता रहा

 

अजीब हो चला है वक़्त

हम जाया कर रहे हैं

फिर भी ये बीत नहीं रहा

जिंदगी भी सस्ती हो चली है

हम खर्च कर रहे है

पर कोई खरीद नहीं रहा

 

सब कुछ मिला मगर सुकून की दौलत नहीं मिली

एक तुझको ही भूल जाने की मोहलत ना मिली

करने को बहुत से काम थे अपने लिए मगर

हमको तेरे खयालो से ही कभी फुर्सत नहीं मिली

 

किसी की नज़रो में ना बसों

क्यूंकि आँखों में बस सपने बस्ते हैं

बसना है तो दिल म बसों

क्यूंकि वह सिर्फ अपने बस्ते हैं

चेहरे की हसी से अपने हार गम छुपाओ

कोई नामुमकिन सी बात को मुमकिन करके दिखा

खुद  पहचान लेगा जमाना तू भीड़ में अलग चलकर दिखा

 

मैं जब किसी गरीब को हॅसते हुए देखता हूँ

तो यकीन आ जाता है की ख़ुशी का तालुक दौलत से नहीं होता

 

हद-ऐ-शहर से निकली तो गांव गांव चली

कुछ यादें मेरे संग पावं पावं चली

सफर जो धुप का किया तो तजुर्बा हुआ

वो ज़िन्दगी ही क्या जो छाव छाव चली

 

छोटे बीज लगने दो

पेड़ अपने आप बन जायेंगे

छोटे सपने पूरे होने दो

बड़े अपने आप हो जायेंगे

 

कौन कहता है ज़िन्दगी बड़ी मुश्किल है

मैंने तो हर गरीब को बड़ी आसानी से

ज़िन्दगी जीते हुए देखा है

 

कितनो की तकदीर बदलनी है तम्हे

कितनो को रास्तो पर लाना है तुम्हे

अपने हाथ की लकीरो को मत देख

इन लकीरो से आगे जाना है तुम्हे

 

लहरों को साहिल की दरकार नहीं होती

हौसला बुलंद हो तो कोई दीवार नहीं होती

जलते हुए चिराग ने आँधियों से ये कहा

उजाला देने वालो के कभी हार नहीं होती

 

एक कोशिश और कर

बैठ  न तू हार कर

तू है पुजारी कर्म का

थोड़ा तो इंतज़ार कर

विश्वास को दृढ बना

संकल्प को कृत बना

एक कोशिश और कर

बैठ ना तू हार कर

 

मेरी तकदीर की बदल देंगे

मेरे बुलंद इरादे

मेरी किस्मत नहीं मोहताज

मेरी हाथ की लकीरो की

 

मंज़िले होती नहीं कभी

आसानी से मिल जाने के लिए

पर सिर्फ एक बूँद पसीने की ही काफी है

रेगिस्तान में फूल खिलाने के लिए

 

खींच दो इस ज़मीन पर

अपनी मेहनत की लकीर

सदियां बीत जाएँगी उन्हें

इसे मिटाने के लिए

 

गर यकीन नहीं मेरे अल्फाज़ो पर

तो आजमा के देख लो

सच्चाई होती नहीं कभी

झुठलाने के लिए

 

चेहरे की हसी से अपने हार गम छुपाओ

सब कुछ बोलो पर दर्द ऐ दिल न बताओ

खुद ना रूठो कभी और सबको मनाओ

यही राज है ज़िन्दगी का बस जीते चले जाओ

मुश्किलों से भाग जाना आसान होता है

बेहतर से बेहतर की तलाश करो

मिल जाये नदी तो समंदर की तलाश करो

टूट जाते है शीशे पत्थरो  की चोट से

टूट जाये पत्थर ऐसे शीशे की तलाश करो

 

यूँ ही नहीं मिलती राही को मंजिल

एक ज़नून सा दिल में जगाना होता है

पूछा चिड़िया से कैसे बना आशियाना

तो बोली

भरनी पड़ती है बार बार उड़ान

तिनका तिनका उठाना होता है

 

पाने से खोने का मज़ा और है

बंद आँखों से देखने का मज़ा कुछ और है

आंसू बने लफ्ज़ और लफ्ज़ बने ग़ज़ल

तेरी यादो के साथ जीने का मज़ा कुछ और है

 

यादो में तेरी तन्हा बैठे हैं

तेरे बिना लबों की हसी गवा बैठे हैं

तेरी दुनिया में अँधेरा ना हो

इसलिए खुद का दिल जला बैठे हैं

 

दर्द कितना है बता नहीं सकते,

ज़ख़्म कितने हैं दिखा नहीं सकते,

आँखों से समझ सको तो समझ लो,

आंसू गिरे है कितने गिना नहीं सकते

 

साँस लेने से तेरी याद आती है

न लेने से मेरी जान जाती है

कैसे केह दूँ की सिर्फ साँस से जिन्दा हूँ

ये सांसे भी तो तेरी याद के बाद आती है

 

मुश्किलों से भाग जाना आसान होता है

हर पहलु ज़िन्दगी का इम्तिहान होता है

डरने वाले को मिलता नहीं कुछ ज़िन्दगी में

लड़ने वालो के कदमो में जहां होता है

 

किसी से काम करवाने के लिए

थोड़ा झुकना पड़े तो शर्माओ मत

क्योंकि पानी पीने के लिए तो

शेर को भी झुकना पड़ता है

 

तलवार की कीमत होती है

उसकी धार से

और इंसान की कीमत होती है

उसकी जबान से

 

किस्मत में लिखी हर मुश्किल टल जाती है

यदि हो हौसले बुलंद तो मंज़िल मिल ही जाती है

सर उठा कर यदि आसमान को देखोगे बार बार

तो गगन को छूने की प्ररेणा मिल ही जाती है