2 Line Shayari

तुम से बिछड़ कर फ़क़त इतना हुआ…

तेरा गया कुछ नहीं,मेरा रहा कुछ नहीं

 

मौत ने छोड़ दिया

ज़िन्दगी ने मारा है

 

दिल तो करता है ज़िन्दगी को किसी क़ातिल के हवाले कर दूँ साहिल

जुदाई में ये रोज़ रोज़ का मरना मुझे अच्छा नहीं लगता

 

दूर रह कर भी हम उनको भुला नहीं सकते

पास आकर भी अपनी मंजिल पा नहीं सकते

 

आँखों में आंसू है पर दर्द सोया है,

देखने वाला क्या जाने की हँसाने वाला कितना रोया है

 

छोड़ ही देना पड़ा घबरा कर उस के शहर को,

याद उसकी रात दिन मुझ को रुलाती थी बहुत

 

सजा पर छोड़ दिया जज़ा पर छोड़ दिया ,

हर एक काम हम ने खुदा पर छोड़ दिया

 

मेरे दमान को खुशियों का नहीं मलाल,

ग़म का खज़ाना जो इसको बेशुमार मिला है

 

जो मै बता दूँ मेरे मन में क्या है

तुम जहाँ में तमाशा बना तो ना दोगे

 

डरती हूँ तुम से में राज़-ए-दिल सुनते

तुम हंसी में बात उड़ा तो ना दोगे

 

एक तर्क-ए-वफ़ा पर में उसे कैसे भुला दूँ

मुझ पर अभी उस शक़्स के एहसान बहुत है

 

लगता है आ चुकी है कमी उस की चाह में

काफी दिनों से मुझ से शिकायत उसे नहीं

 

तेरी चाहतों का छाया है सरूर इस क़दर,

हर पल हर जगह नज़र आने लगा है तू

 

मुझे अक्सर सितारों से यह आवाज़ आती है,

किसीके हिजर में नींदें गँवा कर कुछ नहीं मिलता

 

मेरी खातिर ना वो बदनाम कहीं हो जाएं,

इस लिए उन की मुलाक़ात से डर लगता है

 

लहजे से  उठ रहा था हर एक दर्द का धुआं,

चेहरा बता रहा था की कुछ गँवा दिया

 

 

 

तुम सख्त दिल निकले क्या गिला करें हम,

शिकवा-ए-दिल लब पर लाने की आदत नहीं है

2 Line Shayari images

2 Line Shayari 2 Line Shayari

Khawab Poetry

अब वो मंज़िल ना वो चौराहे ही नज़र आते हैं,

मुझ को मालूम ना था खवाब भी मिट जाते है,

जाने किस पल में हम है की हमे देख के सब,

एक पल के लिए रुकते है फिर गुजर जाते है

 

खुद से तो प्यार हम ने कभी किया ही नहीं था,

आप के सिवा किसी को ये हक़ दिया ही नहीं था,

मुश्किलों में आज आप ने रिश्ता ही तोड़ दिया

रौशनी का खवाब दिखा कर अँधेरे  में छोड़ दिया

 

 

अपना उसे बनाना गर मेरे बस में होता,

लौट आता गर लौट आना मेरे बस में होता,

आँखों में उनकी जाता सूरत बदल बदल कर

खवाबों में आना जाना गर मेरे बस में होता

 

वो सिर्फ मेरा हो, जो निगाहों में हया रखता हो,

उम्र भर साथ चलने का आज़म-ए-वफ़ा रखता हो,

जो ख्वाब देने को क़ादिर हो मेरी आँखों को,

मेरी मोहब्बत को पहचान सके वो ऐसा हो

 

अभी तो फसल-ए-गुल हो, मिस्ल-ए-गुल हो ज़ेहन मे रखना,

के जब वक़्त-ए-खिज़ा ना आये तो फिर  रोना भी पड़ता है,

मुझे नींदें नहीं भातीं के मिस्ल-ए-मार्ग होती हैं,

मगर एक खवाब के लालच में फिर सोना भी पड़ता है

 

किसी की आँख से सपने चुरा कर कुछ नहीं मिलता,

मंदिरों से चिरागों को बुझा कर कुछ नहीं मिलता

कोई एक आध सपना हो तो फिर अच्छा भी लगता है,

हज़ारों खवाब आँखों में सजा कर कुछ नहीं मिलता

Khawab Poetry images

Khawab Poetry Khawab Poetry

 

God Shayari

हमारे दिल की गहराई को कोई समझ पाया ही नहीं ,

कितने तन्हा हैं हम कोई जान पाया ही नहीं ,

किसी को हमारी कमी महसूस हो,

खुदा ने हमे ऐसा बनाया ही नहीं

 

कदम यूँ ही लड़खड़ा गए रस्ते से,

वार्ना संभालना तो हम भी जानते थे.

ठोकर लगी भी तो उस पत्थर से,

जिसे हम अपना खुदा मानते थे.

 

कोई वादा ना कर , कोई इरादा ना कर

ख्वाहिशो में खुद को आधा ना कर,

ये देगी उतना ही जितना लिख दिया खुदा ने

इस तकदीर से उम्मीद ज्यादा ना कर

 

 

दुनिया की नजर में मैं शैतान हो गया,

मैंने सच क्या कहा बदजुबान हो गया,

मैं लाख अच्छा कर के भी कहलाया बुरा,

वो लाख फरेब देकर भी महान हो गया,

जीना या मरना खुदा पर छोड़ रखा है ,

जबसे जानी दुश्मन हर इंसान हो गया,

बाँध लिया है अब हमने सर पर कफ़न,

इसलिए सबसे लड़ना अब आसान हो गया

 

शाम तो ढल गयी अब तो शमा जल जाने दो,

ऐ खुदा चाँद को घर से तो निकल आने दो ,

कोई धरती पर नहीं है जिसे देखु जी भरकर,

निगाहो में मेहबूब की तस्वीर तो बन जाने दो,

तेरी ख़ामोशी सेहजुंगी मैं जुड़ा रहकर,

अपनी आवाज को तुम तो मुझमे खो जाने दो,

दिल की मिटटी से बनाऊँगी मैं मूरत तेरी ,

मेरी इस रूह को एक दीद तो मिल जाने दो

 

 

ये भी एक दुआ है खुदा से ,

किसी का दिल ना दुखे हमारी वजह से ,

ऐ खुदा कर दे कुछ ऐसे इनायत हम पर,

की खुशियां की मिले सबको हमारी वजह से

God Shayari images

God Shayari God Shayari

छु ले आसमान ज़मीन की तलाश न कर

छु  ले आसमान  ज़मीन  की  तलाश  न  कर ,

जी  ले  ज़िन्दगी  ख़ुशी  की  तलाश  न  कर ,

तक़दीर  बदल  जाएगी  खुद  ही  मेरे  दोस्त ,

मुस्कुराना  सीख  ले  वजह  की  तलाश  न  कर ..